Hit and Run New Law in Hindi क्या है नया “हिट एण्ड रन” कानून, ड्राइवर क्यों कर रहे है इसका विरोध, जाने संशोधन के बाद क्या-क्या हुआ बदलाव

Hit and Run New Law in Hindi: किसानों के बाद अब देश की सड़कों पर ड्राइवर उतर गए है इसके पीछे सबसे बड़ी वजह केंद्र सरकार के नए कानून हिट एण्ड रन। इस कानून मे बदलाव होने के बाद से ही इसका विरोध शुरू हो गया। देशभर मे ट्रक ड्राइवरों द्वारा देशव्यापी चक्का जाम (Truck Drivers Protest) कर दिया। लगभग सभी राज्यों मे इसका विरोध हो रहा है । इससे पहले किसानों ने कृषि कानूनों को लेकर रोड जाम कर दिए थे ।

Hit and Run New Law in Hindi
Hit and Run New Law in Hindi

अब ड्राइवरों द्वारा सरकार के नए कानून हिट एण्ड रन को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है । ड्राइवर सरकार से मांग कर रहे है कि इस काले कानून को सरकार वापस करें। ट्रक ड्राइवरों द्वारा हड़ताल करने से राज्यों मे पेट्रोल डीजल की किल्लत, सब्जी-दूध, आर्थिक गतिविधियों पर भी जाम लग गया । आइए जानते है क्या है नया हिट एण्ड रन कानून और ड्राइवर क्यों कर रहे है इसका विरोध…

हिट एंड रन मामले में अब तक क्या था कानून?

हिट एंड रन का सीधा सा अर्थ है कि दुर्घटना के बाद ड्राइवर का गाड़ी के साथ मौके से भाग जाना। अगर किसी गाड़ी से किसी को टक्कर लग गई घायल की मदद करने के बजाय ड्राइवर गाड़ी को लेकर फरार हो जाता है तो ऐसे केस हिट एंड रन में गिने जाते हैं। 

अभी तक हिट एंड रन मामले में आईपीसी की धारा 279 (लापरवाही से गाड़ी चलाना), 304A (लापरवाही के कारण मौत) और 338 (जान जोखिम में डालना) के तहत मामला दर्ज किया जाता है। आरोपी को दो साल की सजा मिल सकती है। इसके अलावा किसी खास मामले में आईपीसी की धारा 302 भी जोड़ी जाती है।

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Hit and Run New Law in Hindi क्या है

केंद्र सरकार द्वारा सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए हिट एंड रन कानून में बदलाव किया जा रहा है। ड्राइवर इस कानून को लाने का विरोध कर रहे हैं। दरअसल, इंडियन पीनल कोड, 2023 में हुए संशोधन के बाद एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

धारा 104(1) कहती है,’जो कोई भी बिना सोचे-समझे या लापरवाही से कोई ऐसा कार्य करके किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में नहीं आता है, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से दंडित किया जाएगा जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माने के लिए भी उत्तरदायी होगा।’

धारा 104(2) उल्लेख करती है, ‘जो कोई भी लापरवाही से वाहन चलाकर किसी व्यक्ति की मृत्यु का कारण बनता है, जो गैर इरादतन हत्या की श्रेणी में आता है और घटना के तुरंत बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को इसकी सूचना दिए बिना भाग जाता है, उसे किसी भी अवधि के कारावास से दंडित किया जाएगा। जिसे दस साल तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना भी देना होगा।’

ड्राइवर क्यों कर रहे है इसका विरोध

केंद्र सरकार सख्त नियमों के तहत सड़क हादसों पर रोक लगाना चाहती है। हालांकि ड्राइवरों को लगता है कि सरकार ऐसा करके उनके साथ गलत कर रही है। ड्राइवरों को लगता है कि सरकार उनके साथ ज्‍यादती कर रही है। 

जानकार कहते हैं कि यह दोहरी मुसीबत है। यदि हादसे के बाद ड्राइवर रुकता है और पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने के बारे में विचार करता है तो भीड़ उसे पीट-पीटकर मार सकती है। ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। अब यदि वह नहीं रुकता है तो फिर 10 साल की सजा होगी। इस तरह यह कानून दोधारी तलवार हो सकता है और इसी वजह से विरोध जारी है।

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